नई दिल्ली:
ट्रैफिक पुलिस ने 22 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों की सुरक्षा व यातायात के संचालन का काम शुरू कर दिया है और डायवर्जन प्लान के संबंध में रूट का निरीक्षण किया जा रहा है. यातायात पुलिस की ओर से कांवड़ वाले रूटों पर सेक्टर-94 स्थित कमांड कंट्रोल रूम से नजर रखी जाएगी. किसी प्रकार की सड़क दुर्घटना न हो इसका विशेष ध्यान भी रखा जाएगा. ट्रैफिक पुलिसकर्मी रूट पर पेट्रोलिंग करने के अलावा 24 घंटे नजर रखेंगे.
दिल्ली, नोएडा, गाजियबाद में नया ट्रैफिक प्लान
डीसीपी ट्रैफिक ने अधिकारियों के साथ कावड़ रूट का जायजा लिया और अधिकारियों और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को निर्देश भी दिए. कांवड़ यात्रा के दौरान विभिन्न रूट पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू होगा. सेक्टर-95 ओखला पक्षी विहार और कालिंदी कुंज के पुराने पुल का एक हिस्सा वाहनों के लिए बंद रहेगा. चिल्ला बार्डर से ओखला पक्षी विहार होकर कालिंदी कुंज तक जाने वाला मार्ग बंद रहेगा.
यमुना प्रसाद, डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि डायवर्जन के दौरान सिर्फ कांवड़ ले जाने वाले और शिविर लगाने से संबंधित लोगों को छूट रहेगी. ओखला पक्षी विहार रास्ते पर दो जगह कांवड़ शिविर आयोजित होता है. इनमें पहला शनि मंदिर और दूसरा डीएनडी पुल के नीचे है. दोनों जगह करीब एक हजार कांवड़ियों के ठहरने की व्यवस्था है. इनके अलावा ममूरा, छिजारसी कांवड़ शिविर लगाए जाएंगे. सेक्टर-14ए स्थित चिल्ला बार्डर के पास बने स्थायी ट्रैफिक बूथ ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी निगरानी के लिए लगाई जाएगी. कांवड़ का जत्था गुजरने के दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मी यातायात को रोककर कांवड़ियों को रास्ते दिखाने का काम करेंगे. कांवड़ यात्रा वाले मार्ग की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी की जाएगी. जिन मार्गों पर शिविर लगेंगे उनसे बचने की सलाह दी है.
क्या होती है कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra)
सावन के महीने में कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) निकलती है. जिसमें सैकड़ों भक्त केसरिया रंग के वस्त्र पहनकर कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) निकालते हैं. ये यात्रा पैदल ही की जाती है. भक्त हरिद्वार जाकर गंगा नदी का पवित्र जल भरकर अपने घर के पास वाले भगवान शिव के मंदिर लाते हैं और शिव जी का जलाभिषेक करते हैं

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