April 11, 2026

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Ganga Saptami 2026 Date: 22 या 23 अप्रैल कब है गंगा सप्तमी? जानिए सही तारीख, स्नान का महत्व और पूजा विधि

गंगा सप्तमी 2026 कब है, 22 या 23 अप्रैल में किस दिन मनाना शुभ रहेगा, इसकी पूरी जानकारी यहां जानें. साथ ही गंगा स्नान का महत्व, पूजा विधि, मंत्र और धार्मिक मान्यताओं के बारे में विस्तार से पढ़ें, जिससे आपको इस पावन दिन का पूरा लाभ मिल सके.

Ganga Saptami 2026 Date: हिंदू धर्म में गंगा सप्तमी का पर्व बेहद पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है. मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था. इस दिन गंगा स्नान और पूजा करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और पितरों को शांति मिलती है. साल 2026 में गंगा सप्तमी की तिथि दो दिन पड़ने के कारण लोगों में भ्रम की स्थिति है कि आखिर सही दिन कौन सा है. आइए जानते हैं.

गंगा सप्तमी 2026 कब है?
साल 2026 में गंगा सप्तमी की तिथि इस प्रकार है:
– सप्तमी तिथि शुरू: 22 अप्रैल रात 10:50 बजे
– सप्तमी तिथि समाप्त: 23 अप्रैल रात 8:50 बजे
उदया तिथि के अनुसार, 23 अप्रैल 2026 को ही गंगा सप्तमी मनाना शुभ रहेगा.
गंगा सप्तमी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राजा भगीरथ की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं. लेकिन, उनके तेज वेग को नियंत्रित करने के लिए भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में धारण किया था. इस दिन गंगा स्नान से पापों से मुक्ति होती है. पितरों की शांति के लिए तर्पण करते हैं लोग. जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है.

गंगा सप्तमी के दिन क्या करें (पूजा विधि)
इस दिन पूजा बहुत सरल तरीके से की जा सकती है:
– सुबह जल्दी उठकर गंगा स्नान करें (अगर गंगा स्नान संभव न हो तो घर में पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें)
– तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें गंगाजल मिलाएं और सूर्य को अर्घ्य दें
– मंदिर में बैठकर मां गंगा का ध्यान करें
– इस मंत्र का जाप करें: ‘ॐ नमो गंगायै विश्वरूपिणी नारायणी नमो नम’
– गरीब और जरूरतमंद लोगों को फल या वस्त्र का दान करें

धार्मिक मान्यता
गंगा सप्तमी को गंगा जयंती भी कहा जाता है. इस दिन किए गए स्नान, दान और पूजा से व्यक्ति को जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है.