June 26, 2026

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PM at Shri Ram Janmbhoomi Mandir Dhwajarohan Utsav, in Ayodhya, Uttar Pradesh on November 25, 2025.

राम मंदिर से चढ़ावा चोरी के सभी 8 नामजद आरोपी गिरफ्तार, जानें कौन हैं वो सभी आठ लोग?

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में पुलिस ने सभी आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने सबको अपनी कस्टडी में लिया था। जानें वो सभी आठ आरोपी कौन कौन हैं?

अयोध्या: राम मंदिर से चढ़ावा चोरी मामले के सभी आठ नामजद आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले पुलिस ने नामजद सभी आठ आरोपियों को अपनी कस्टडी में लिया था। इन सभी को कल यानी गुरुवार की शाम को हिरासत में लिया गया था और इन सबसे अयोध्या के राम जन्मभूमि थाने में पूछताछ की गई। जानकारी के मुताबिक सबसे पूरी रात पूछताछ होती रही और उसके बाद आज यानी शुक्रवार की सुबह इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। आज पुलिस इन आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी।

कौन हैं गिरफ्तार आठ आरोपी?
चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने जिन आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है, इनमें रमाकांत उर्फ टिन्नू यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, मनीष यादव, और रमाशंकर मिश्रा शामिल हैं। ये सभी दान की रकम की काउंटिग से जुड़े हुए लोग हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में से छह कैशियर हैं, जबकि टिन्नू यादव का काम कैश की काउंटिग को सुपरवाइज़ करने से लेकर उसे बैंक तक ले जाने का होता था। वहीं गिरफ्तार किए गए सुभाष श्रीवास्तव की निगरानी में है सभी छह कैशियर राम मंदिर में आए चढ़ावे का हिसाब किताब रखते थे।

किसने दी थी तहरीर?
चढ़ावा चोरी मामले के खुलासे के बाद इसकी जांच एसआईटी को सौंपी गई है, एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद ये एक्शन हुआ है। बता दें कि राम जन्म भूमि ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर मामले की FIR दर्ज की गई, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और बिना देरी किये सभी आठ नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और फिर इन सबको गिरफ्तार किया गया है। जानिए किन मामलों में दर्ज हुई है एफआईआर…

अब तक की जांच में क्या पता चला?
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की अब तक की जांच में ये पता लगा है कि चढ़ावे में सबसे ज्यादा चोरी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव ने की थी। चढ़ावे की राशि जिन बॉक्सेज में रखी जाती थी, उसकी चाबियां भी टिन्नू यादव के पास ही रहती थी। मंदिर में किसे नौकरी देनी है, चढ़ावे की गिनती के काम में किसे रखना है, इसका फैसला भी टिन्नू यादव ही करता था। पता तो ये भी लगा है कि राम मंदिर परिसर में टिन्नू यादव का ही हुक्म चलता था। मंदिर परिसर में पुलिस के जवान कहां कहां तैनात होंगे, इसका फैसला टिन्नू यादव ही करता है, इसलिए शक की पहली सुई टिन्नू यादव पर गई और अब FIR में नाम आने के बाद टिन्नू यादव के रोल की गहराई से जांच होगी।
कौन है टिन्नू यादव?
टिन्नू यादव का असली नाम है। रामशंकर यादव, टिन्नू के पिता चाय बेचते थे और वो खुद ऑटो चलाता था। इसके बाद टिन्नू यादव चंपत राय का ड्राइवर बना और फिर चंपत राय ने मंदिर के प्रबंधन की ज्यादातर जिम्मेदारी टिन्नू यादव को ही दे दी। अब हालत ये है कि जो टिन्नू यादव एक जमाने में ऑटो चलाता था और अब अयोध्या और लखनऊ में उसकी पचास करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। एयरपोर्ट के पास उसका 70 कमरों का बड़ा हॉस्टल है। अयोध्या के रेस्ट्रां और होटल्स में उसकी पार्टनरशिप है, टिन्नू के पास आलीशान घर है और बड़ी बड़ी गाडियां हैं।