सुहागिन महिलाएं हर साल कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि पर पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना को पूरा करने के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं, सनानन परंपरा में कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को अत्यंत ही पावन माना गया है. हिंदू धर्म में इसे करवा चौथ व्रत के नाम से जाना जाता है, जिसका इंतजार सुहागिन महिलाएं पूरे वर्ष करती हैं. करवा चौथ का व्रत अखंड सौभाग्य का वरदान देने वाली चौथ माता और सुख-सौभाग्य का वरदान देने वाले चंद्र देवता को समर्पित है. यह पावन पर्व पति और पत्नी के पवित्र रिश्ते को और भी ज्यादा मजबूत बनाते हुए सुखी दांपत्य जीवन की कामना लिए मनाया जाता है करवा चौथ के व्रत को बेहद कठिन माना जाता है। इस व्रत को सुहागिन महिलाएं निर्जला करती हैं और करवा माता की पूजा करत हैं। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को करने से पति-पत्नी के रिश्ते में मधुरता आती है। इस दिन पति-पत्नी एक-दूसरे को शुभकामनाएं (Karwa Chauth ki Hardik Shubhkamnaye) भी देते हैं।

More Stories
2025 की आखिरी एकादशी 30 दिसंबर को:संतान के सुख और सौभाग्य की कामना से किया जाता है पुत्रदा एकादशी व्रत, जानिए व्रत की कथा
Dharmendra Death: दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र का 89 साल की उम्र में निधन, लंबे समय से बीमार थे ही-मैन
Bihar Result Live: रुझानों में NDA की ‘बल्ले-बल्ले’, 190 से अधिक सीटों पर आगे, महागठबंधन का बुरा हाल